बिलासपुर।छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह न कोई विकास परियोजना, न कोई ऐतिहासिक फैसला बल्कि शहर के हाई-फाई माने जाने वाले इल्यूम बार में हुआ वह “संस्कृतिपूर्ण” बवाल, जिसने यह साबित कर दिया कि आजकल पार्टी सिर्फ म्यूज़िक और ड्रिंक्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि फ्री में मारपीट का पैकेज भी साथ में मिलता है।
मारपीट का वीडियो……
बताया जाता है कि रात के समय बार में पार्टी अपने पूरे शबाब पर थी। तेज़ म्यूज़िक, रंगीन लाइटें और युवाओं का जोश… लेकिन अचानक माहौल ऐसा बदला मानो डीजे ने गाने की जगह “दंगल” का ट्रैक चला दिया हो। दो गुटों के बीच पहले हल्की-फुल्की बहस हुई, फिर शब्दों ने हाथों का सहारा लिया और देखते ही देखते मामला मुक्कों, लातों और धक्का-मुक्की तक पहुंच गया।

सूत्रों की मानें तो बार के अंदर शुरू हुआ यह विवाद बाहर आकर और “भव्य” हो गया। जैसे ही युवक बाहर निकले, सड़क को अखाड़ा समझ लिया गया। कोई दोस्ती निभा रहा था, कोई दुश्मनी, और कुछ तो ऐसे थे जिन्हें शायद खुद भी नहीं पता था कि वे किस पक्ष से लड़ रहे हैं—बस लड़ना ज़रूरी था।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तहलका मच गया। लोगों ने कहा “ये बार है या रियलिटी शो?” किसी ने इसे “बिलासपुर फाइट क्लब” नाम दे दिया, तो किसी ने लिखा ड्रिंक फ्री हो या पेड, मारपीट कॉम्प्लिमेंट्री है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। सिरगिट्टी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात काबू में किए और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे बार के अंदर हों या बाहर।
अब बड़ा सवाल यह है कि शहर के बार कल्चर में यह नया “एंटरटेनमेंट पैकेज” कब से जुड़ गया? क्या पार्टी का मतलब अब म्यूज़िक के साथ मारपीट भी हो गया है? और क्या बार की चमक-दमक के पीछे कानून का डर कहीं धुंधला तो नहीं पड़ रहा?

स्थानीय लोग भी इस घटना से नाराज़ हैं। उनका कहना है कि अगर इस तरह खुलेआम हंगामे होते रहे, तो शहर की छवि पर असर पड़ेगा। वहीं कुछ व्यंग्यकारों का कहना है कम से कम युवाओं ने यह साबित कर दिया कि वे एनर्जी ड्रिंक्स के बिना भी फुल एनर्जी में रह सकते हैं।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है, वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। लेकिन इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या नाइट लाइफ का मतलब नियमों को गुड नाइट कहना है? बिलासपुर की यह रात अब सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी बन गई है कि अगर शोर ज़्यादा बढ़ा, तो अगली पार्टी में डीजे से पहले सायरन बज सकता है।

