तखतपुर। क्षेत्र के ग्राम पंचायत चितावर में एक बेहद मार्मिक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक गरीब परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा बनी बकरा-बकरियों की एक ही रात में अचानक मौत हो गई। इस घटना से परिवार पर आर्थिक संकट का गहरा साया छा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चितावर निवासी प्रेम लाल विरकों प्रतिदिन की तरह अपने बकरा-बकरियों को शाम के समय चराने के बाद घर के आंगन में बांधकर सो गए थे। लेकिन सुबह जब वे उठे तो उनके होश उड़ गए—आंगन में एक-दो नहीं बल्कि सभी 17 बकरा-बकरियों की लाशें पड़ी थीं।

बताया जा रहा है कि मृत पशुओं की हालत बेहद भयावह थी, कई बकरियों की अंतड़ियां तक बाहर निकल आई थीं। यह मंजर देख पशुपालक और उसके परिवार के सदस्य सदमे में आ गए। आठ सदस्यीय इस परिवार के लिए यही पशु आजीविका का एकमात्र साधन थे, जिनके अचानक खत्म हो जाने से परिवार पर लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
ग्रामीणों के बीच इस घटना को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि किसी जंगली जानवर के हमले से यह घटना हुई है, हालांकि वास्तविक कारण का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।
घटना की सूचना सरपंच प्रतिनिधि देवा सिंगरौल द्वारा तत्काल तखतपुर थाने में दी गई है। साथ ही राजस्व विभाग के पटवारी और आरआई को भी मौके की जानकारी देकर पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की गई है।
यह पूरा मामला तखतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत चितावर के नया आवास पारा, सरपंच प्रतिनिधि के प्लॉट के पास का बताया जा रहा है।


