छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में 27 दिसंबर को हुई हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटना में महिला पुलिसकर्मी के साथ की गई अमानवीय बदसलूकी के मुख्य आरोपी चित्रसेन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सख्त और प्रतीकात्मक कार्रवाई की। महिला पुलिसकर्मियों का आक्रोश इस कदर था कि आरोपी को शहर में पैदल जुलूस निकालकर जनता के सामने लाया गया।
रायगढ़ के हेमू कालानी चौक से निकाले गए इस जुलूस के दौरान आरोपी के चेहरे पर कालिख पोती गई और जूते की माला पहनाई गई। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने इस कार्रवाई को देखा, जो समाज के लिए एक स्पष्ट संदेश था कि महिला सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों को कानून और समाज दोनों के सामने जवाब देना होगा।
27 दिसंबर की दोपहर तमनार क्षेत्र में हुई हिंसा के दौरान महिला थाना प्रभारी सहित अन्य महिला पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट, बदसलूकी और वर्दी फाड़ने जैसी शर्मनाक घटना को अंजाम दिया गया था। इस घटना ने न सिर्फ पुलिस महकमे को बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया।
लगातार छापेमारी के बाद अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मुख्य आरोपी चित्रसेन की गिरफ्तारी के बाद महिला पुलिसकर्मियों ने अपना आक्रोश व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ हिंसा और महिला सम्मान पर हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने दो टूक कहा कि चाहे महिला वर्दी में हो या सामान्य जीवन में, महिला का सम्मान सर्वोपरि है। कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश अभी भी जारी है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
यह पूरी कार्रवाई समाज को यह संदेश देने के लिए है कि नारी गरिमा से खिलवाड़ करने वाले अपराधी कितना भी ताकतवर क्यों न हों, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते। महिला सम्मान से बड़ा कोई समझौता नहीं और अपराध का अंजाम तय है।
खबर पिटारा….


