3.14 लाख के चेक में कूटरचना कर 6.52 लाख का बनाया भुगतान, अतिरिक्त राशि आहरण का आरोप
बिल्हा। सेवा सहकारी समिति गुमा में लाखों रुपए की वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। 3 लाख 14 हजार 50 रुपए के चेक में कथित कूटरचना कर राशि बढ़ाकर 6 लाख 52 हजार 50 रुपए किए जाने और 3 लाख 38 हजार रुपए की अतिरिक्त राशि आहरित करने के मामले में तीन लोगों के खिलाफ बिल्हा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
मामले में शाखा प्रबंधक लक्ष्मण कौशिक, सुपरवाइजर हितेश सलूजा और प्रभारी संस्था प्रबंधक शरद कश्यप को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि तीनों की भूमिका से संबंधित दस्तावेजों और चेक में कथित रूप से कूटरचना कर स्वीकृत राशि से अधिक रकम का आहरण किया गया।
अध्यक्ष की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
सेवा सहकारी समिति गुमा के अध्यक्ष राज कुमार बारगाह ने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी। शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई। जांच में वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों के निर्देश पर बिल्हा थाने में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
3.14 लाख की जगह 6.52 लाख का भुगतान
शिकायत और जांच से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार 3,14,050 रुपए की स्वीकृत राशि को कथित रूप से कूटरचना के माध्यम से 6,52,050 रुपए किया गया। इस तरह 3,38,000 रुपए की अतिरिक्त राशि आहरित किए जाने का आरोप है। मामले में पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस खंगाल रही दस्तावेज और लेनदेन
एफआईआर दर्ज होने के बाद बिल्हा पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। पुलिस द्वारा संबंधित चेक, समिति के दस्तावेज, स्वीकृति प्रस्ताव और राशि के आहरण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित कूटरचना और अतिरिक्त राशि के आहरण में आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होगी। अब देखना होगा कि आरोपियों की कब होगी गिरफ्तारी।

