अभिषेक सेमर,तखतपुर। सतनाम भवन में बुधवार को बलिदानी राजा गुरु बालक दास जी की जयंती हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर समाज के प्रबुद्धजनों, युवाओं और बड़ी संख्या में समाजजनों ने शामिल होकर गुरु बालक दास जी के जीवन, संघर्ष, शौर्य, त्याग एवं समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु बालक दास जी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इसके बाद विचार गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने गुरु बालक दास जी के जीवन संघर्ष, पराक्रम, दृढ़ता और समाज को एकता के सूत्र में बांधने में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
शौर्य प्रदर्शन के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, समाज की एकता और गौरव का दिया संदेश

नगरपालिका सभापति सुनील जांगड़े ने कहा कि बलिदानी राजा गुरु बालक दास जी का जीवन साहस, त्याग, स्वाभिमान और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने “रावटी” की परंपरा के माध्यम से समाज को संगठित और एकजुट करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनका जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज की एकता, शिक्षा और प्रगति के लिए सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए।
शौर्य प्रदर्शन ने मोहा मन
विचार गोष्ठी के पश्चात डीजे की धुन पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में समाज के अखाड़ा दल ने शौर्य एवं साहस का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देखकर लोगों ने जमकर उत्साहवर्धन किया। शोभायात्रा सतनाम भवन से मंडी चौक पहुंची और वहां से वापस सतनाम भवन लौटकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में समाजजनों में उत्साह और उमंग का माहौल रहा।
कार्यक्रम का संचालन राकेश डहरे ने किया। अंत में कर्मचारी संघ अध्यक्ष शशिकांत जांगड़े ने आयोजन में शामिल समाजजनों, अतिथियों, आयोजन समिति तथा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
शोभायात्रा के सफल आयोजन में होरीलाल माथुर, आदर्श बंजारे, प्रियांशु डहरिया, ऋषि चतुर्वेदी एवं शैलेन्द्र आहूजा ने प्रमुख जिम्मेदारी निभाई।
ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित
कार्यक्रम में प्रदीप लहरें, सुनील जांगड़े, शशिकांत जांगड़े, राकेश डहरे, डालचंद डाहिरे, होरीलाल माथुर, नरेंद्र जांगड़े, केके हिंडोरे, नरेश रात्रे, हीरालाल जांगड़े, सखाराम घृतलहरे, अर्जुन जांगड़े, जलेश्वर कोशले, संतोष खांडे, प्रियांशु डहरिया, आदर्श बंजारे, ऋषि चतुर्वेदी, शैलेन्द्र आहूजा, सत्यपाल मिरी, अनुराग बंजारे, हेमंत कुर्रे, प्रकाश नवरंग, गोकुल प्रसाद माथुर, जमुना माथुर, मोती चरण माथुर, राधेलाल माथुर, जितेंद्र माथुर, बल्लू राजा रात्रे, रमेश बारमते, मनोज पाटले, यशवंत मिरी, प्रमोद कुर्रे, जितेंद्र जांगड़े, जैलू बंजारे, संजय माथुर, गुड्डू माथुर, पुन्नी टंडन, मगन टंडन, निखिल खांडे, मनोज रात्रे, करन भारती, अमर माथुर, नरेंद्र माथुर, आयुष कुर्रे, दीपेश लहरें, रोहित दिवाकर, तुषार बंजारे, आलोक आहूजा, दीपक लहरें, गोपी रात्रे एवं कालेश्वर पात्रे सहित सैकड़ों की संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
गुरु बालक दास जी की जयंती का आयोजन समाज की एकता, गौरव, शौर्य, त्याग और सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

